असहमति का भी हो सम्मान तभी सशक्त होगा लोकतंत्र – मुख्यमंत्री

असहमति का भी हो सम्मान तभी सशक्त होगा लोकतंत्र – मुख्यमंत्री

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जयपुर। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने कहा है कि लोकतंत्र में जिंदाबाद और मुर्दाबाद दोनों साथ चलते हैं। जो दोनों को सहन करने की क्षमता रखते हैं वे ही लोकतंत्र के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए न कि बदले की भावना से कार्रवाई। उन्होंने कहा कि कई बार मांगे वाजिब नहीं होती लेकिन संवाद और समझाइश से हल निकल आता है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को जोधपुर में कमला नेहरू महिला महाविद्यालय के छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की स्वस्थ आलोचना करना देशद्रोह नहीं होता बल्कि हमें सकारात्मक सोच के साथ उसे स्वीकार करना चाहिए। इसी से लोकतंत्र सशक्त होता है।
 गहलोत ने कहा कि जब देश आजाद हुआ तब हम दूसरे देशों पर निर्भर थे लेकिन प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में देश में कारखाने लगे, बडे-बडे बांध बने, इसरो, आईआईएम, आईआईटी, एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए और हम अपने पैरों पर खड़े हो सके। देश की 70 साल की मेहनत का ही परिणाम है कि आज हम आत्मनिर्भर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के बिना देश सशक्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी महिला सशक्तीकरण के प्रबल समर्थक थे। श्रीमती इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश का मान बढाया। उन्होंने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पहल पर हुए 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित हुई।
 गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रतिबद्ध है। विधानसभाओं एवं लोकसभा में महिलाओं की एक तिहाई भागीदारी के लिये राज्य विधानसभा में संकल्प पारित किया गया है। महिला उत्पीड़न की प्रभावी रोकथाम के लिये जिला स्तर पर पुलिस उप अधीक्षक का एक अलग पद सृजित किया गया है। साथ ही महिलाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है। सरकार ने मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग पर भी सख्त कानून बनाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोग बीमार नहीं हाें, इस सोच के साथ ’निरोगी राजस्थान’ अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कमला नेहरू महिला महाविद्यालय में महात्मा गांधी ई-लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये तथा छात्रावास में 16 और कमरे बनवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूरत में आयोजित वेस्ट जोन वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कमला नेहरू महिला महाविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष प्रियंका सिंह नरूका एवं अम्बिका रतनू को सम्मानित किया।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  भंवरसिंह भाटी ने कहा कि राज्य सरकार बालिका शिक्षा को लेकर संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बजट में एक साथ 50 महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है। साथ ही शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के साथ एमओयू कर 49 तरह के कोर्स प्रारम्भ किए गए हैं।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी.आर चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया। समारोह में विधायक मनीषा पंवार,  महेन्द्र विश्नोई, मीना कंवर,  किशनाराम विश्नोई,  हीराराम मेघवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं छात्राएं उपस्थित थींं।
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