कोविड के खिलाफ जन आन्दोलन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण,  जन सामान्य की भ्रान्तियां खत्म कर कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी

कोविड के खिलाफ जन आन्दोलन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण, जन सामान्य की भ्रान्तियां खत्म कर कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी

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जयपुर । कोविड से मुकाबला करते हुए करीब 9 महीने बीत चुके हैं लेकिन जनसामान्य में अभी भी इसे लेकर न केवल कई भ्रान्तिंया मौजूद हैं बल्कि जानकारी नहीं होने और लापरवाही के कारण इसके मामले जयपुर में अत्यधिक बढ चुके हैंं। ऐसे में जिले में इससे बचाव के अन्य उपायों के साथ मास्क एवं उचित दूरी के नियम की अनिवार्यता से पालना करवाने के लिए 2 अक्टूबर से चलाए जा रहे जन आन्दोलन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। शिक्षक न केवल अपने विद्यालय में बल्कि उन्हें सौंपे गए कार्यक्षेत्र में जनसामान्य में इन भ्रान्तियों को दूर कर ‘‘नो मास्क नो एंट्री’’ के नियम की सख्ती से पालना करवाएं एवं कोविड के संक्रमण के फैलाव को रोकने में प्रभावी भूमिका निभाएं।

अतिरिक्त जिला कलक्टर उत्तर बीरबल सिंह ने शुक्रवार को मास्टर टे्रनर्स के रूप में चयनित जयपुर के विभिन्न राजकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की प्रशिक्षण श्रृखला की शुरूआत करते हुए यह बात कही। प्रशिक्षण के पहले एवं दूसरे बैच को सम्बोधित करते हुए सिंह ने बताया कि जयपुर शहर को वार्डों के आधार पर 50 इकाइयों में बांटकर कोविड के खिलाफ जन आन्दोलन में ‘‘नो-मास्क नो एंट्री अभियान’’ के अन्तर्गत प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को उनके विद्यालय के आस-पास, वार्ड में प्रमुख भीड़-भाड़ वाले स्थलो की जानकारी रखने, नगर निगम, स्काउट एवं अन्य संगठनों के सहयोग से विभिन्न तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए, नो मास्क-नो एंट्री के पोस्टर चस्पा करने, प्रभात फेरी, मास्क वितरण, सेनेटाइजेशन, नुक्कड़ नाटक, ढोल के साथ कॉलोनियाें, मोहल्लों में कोरोना बचाव का संदेश देने के लिए निर्देशित किया।

सिंह ने कहा कि कोरोना की अभी कोई वैक्सीन नहीं है ऎसे में मास्क, उचित दूरी, जानकारी और बचाव ही वैक्सीन है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक रोजाना  के विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का कलैण्डर जारी कर दिया गया है। रोजाना किए जा रहे जन जागरूकता के कार्यक्रमों के साथ साथ दिन विशेष को निर्धारित गतिविधि भी सम्पन्न की जानी है। उन्होंने कहा कि मास्क की कोई कमी नहीं है, आवश्यकतानुसार उन्हें उपलब्ध करा दिए जाएंगे। सभी को आपसी समन्वय रखते हुए इस जन आन्दोलन को सफल बनाना है।

एसएमएस अस्पताल की स्किल लैब के इंचार्ज मास्टर टे्रनर राजकुमार राजपाल एवं राधेलाल शर्मा ने प्रतिभागी प्राचार्यों को कोविड, कोविड के संक्रमण से बचाव, अब तक जारी किए गए दिशा निर्देश और जन आन्दोलन में फील्ड में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। प्राचार्यों ने कोविड संक्रमण से जुडे़ कई विषयों पर प्रश्न किए और जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। जयपुर के विभिन्न ब्लॉक के राजकीय विद्यालयों के करीब चार सौ प्राचार्याें को इन प्रशिक्षण की इस श्रृंखला में मास्टर टे्रनर्स बनाया जाएगा।

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