नगरीय विकास एवं आवासन मंंत्री ने किया सिटी पार्क और फाउंटेन स्क्वायर परियोजनाओं का निरीक्षण

नगरीय विकास एवं आवासन मंंत्री ने किया सिटी पार्क और फाउंटेन स्क्वायर परियोजनाओं का निरीक्षण

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जयपुर, । नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री  शांति धारीवाल ने सोमवार को राजस्थान आवासन मण्डल के अध्यक्ष श्री भास्कर ए. सावंत और आवासन आयुक्त श्री पवन अरोड़ा के साथ मानसरोवर योजना में बनाये जा रहे सिटी पार्क और फाउंटेन स्कवायर परियोजनाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त किया और हाउसिंग बोर्ड को कोरोना महामारी की वजह से हुए लॉकडाउन में भी कार्य करते रहने के लिये प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि यह पार्क लगभग 52 एकड़ जमीन में बनेगा और जयपुर के सेंट्रल पार्क से भी बड़ा होगा। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत के विशेष निर्देश पर आमजन के हित में हमने बरसों से खाली पड़ी हाउसिंग बोर्ड की मूल्यवान जमीन पर पार्क विकसित करने का निर्णय लिया है।
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री  शांति धारीवाल ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण जो लॉकडाउन  हुआ, उस अवधि में ही इस पार्क की पूरी प्लानिंग हो गई तथा इसकी साफ सफाई और इसमें नई मिट्टी डालने के लिए टेंडर हो गए। जैसे ही लॉकडाउन खुला हाउसिंग बोर्ड ने पूरे जोर-शोर से इस पार्क में मलबा हटाने और यहां पर करीब 12 से 15 बड़े-बड़े स्ट्रक्चर थे, जिन्हें हटाने का काम किया है । उन्होंने बताया कि आने वाले मानसून में यहां पर विशाल स्तर पर वृक्षारोपण होगा। वृक्षारोपण में हम आम जनता, सामाजिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ेंगे। कई संस्थाओं ने अपनी तरफ से पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रस्ताव भी दे दिए हैं।
आने वाले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री के स्तर से इसमें वृक्षारोपण की शुरूआत करायी जाएगी। यहां उनके करकमलों से कल्प वृक्ष और रुद्राक्ष के पेड़ लगाकर वृक्षारोपण के कार्यक्रम की व्यापक शुरुआत की जाएगी।
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री  शांति धारीवाल ने कहा कि मैं साधुवाद देना चाहूंगा आयुक्त और उनकी टीम को, जिन्होंने पार्क की सफाई का 2 महीने का काम एक महीने में कर दिया है। यहां बहुत सारा मलबा बिखरा हुआ था, जगह -जगह कचरे के ढेर बने हुए थे, जिसको इन्होंने रात दिन अथक परिश्रम करके इसे हटाया। यहां से 12 लाख घनफुट मलबा हटाया गया है और 18 लाख वर्गफीट क्षेत्रफल में सफाई का कार्य किया है।
उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए  कि यहां पर जो भी पेड़ लगाए जाएं, उनकी देखभाल की अच्छी व्यवस्था की जाए और पेड़ों को जिंदा रखा जाए साथ ही वृक्षारोपण के काम में आम जनता युवा वर्ग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए।
सिटी पार्क के बारे में अधिक जानकारी देते हुए आयुक्त पवन अरोडा ने बताया कि हमारा प्रयास है कि इस पार्क को अन्तरराष्ट्रीय मानदंडों पर बनाया जाए। यहां वो समस्त सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रयास किया जायेगा, जो देश और विदेश के आदर्श पार्कों में पाई जाती हैं। यह पार्क 75 फीसदी से अधिक ग्रीन एरिया के साथ विकसित किया जाएगा, जो कि सेंट्रल पार्क से भी बड़ा है।
उन्होेंने बताया कि यह पार्क 22 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित किया जायेगा, जिसमें 18 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में सिटी पार्क और 4 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फाउंटेन स्क्वायर बनाया जायेगा। इस पार्क में लगभग 3.5 कि.मी. लम्बा क्ले सैण्ड का 20 फीट चौडा जॉगिंग व वॉकिंग ट्रेक का निर्माण कराया जायेगा, जो कि राजस्थान क्रीडा परिषद द्वारा अनुमोदित डिजाईन के अनुरूप होगा। जॉगिंग ट्रैक व वॉकिंग ट्रैक के बीच में 3 फीट चौडाई में डिवाईडर का निर्माण करवाया जायेगा, जिसमें फूलदार पौधे लगाये जायेंगेे।
इस पार्क में वुडलैण्ड पार्क, मीडो गार्डन, लैब्रिनिथ गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, कलर गार्डन, फर्न हाउस, पाम गार्डन, मेज् गार्डन, बॉटनिकल सेक्शन, इन्र्टनल वॉकवे, डिस्कवरी प्ले ग्राउण्ड, फिटनेस टे्रल्स, ग्राण्ड टैंरेस्, व्यू डेक्, आउटडोर जिम, नेशनल फ्लैग पोस्ट, वर्ड लेक, बो बिर््रज, बेनयन कोर्ट, लैक पैवेलियन, लिली पॉण्ड स्कल्पचर, एक्सपोजिशन प्लाजा, रेस्टोरेन्ट आर्केड़ और एस्सपोजिशन पैवेलियन बनवाया जायेगा। यहां ओपन जिम के साथ आमजन की सेहत के लिए विशेष रूप से फिटनेस ट्रेनर और हेल्थ व वेलनेस कोच उपलब्ध रहेंगे।
यहां पर थीम बेस्ड प्लांटेशन होगा। एक तरफ नीले रंग के फूलों के पेड़ दिखाई देंगे तो दूसरी तरफ पीले रंग के तो किसी तरफ गुलाबी रंग के यानी पार्क का प्राकृतिक रूप से श्रेष्ठ सौंदर्यकरण किया जाएगा। इस पार्क में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 21 हजार पेड/पौधे लगाये जायेंगे। इसके अतिरिक्त 40 हजार झाड़ियां और फूलदार पौधे लगाए जाएंगे। इस पार्क में कचनार, सिल्वर ऑक, नीलीगुलमोहर, गुलाबी सेमल, कल्पवृक्ष, बड़, रूद्राक्ष, कदम, आम, जामुन, स्पेथोडिया, टर्मिनेलिया-वेरिगेटेड, टर्मिनेलिया-ग्रीन, गुलर, गुलमोहर, अमलतास, बारिसनवानी, शहतुत, पिलखान, टेबूबिया-पीला, टेबूबिया- गुलाबी, चम्पा- सफेद/लाल/ सिंगापोरियन, बॉटल ब्रश, चीकू, अमरूद, पीली गुलमोहर, मौलश्री, पीपल और आंवला जैसी प्रजातियों के पेड/पौधे लगाये जायेेंगे। साथ ही मौसमी फुलवारी लगाने के लिए खास व्यवस्था की जा रही है और हर मौसम के फूलों के पौधे यहाँ पर नियमित रूप से लगाए जाएंगे। प्लांटेशन की तैयारी शुरू हो गई है, पौधों के लिए गड्ढे खोदना शुरू हो गए हैं और पेड़ लेने के लिए टेंडर जारी हो गया है। इस पार्क में मुख्य प्रवेश मध्यम मार्ग से होगा, जहाँ बड़ा एंट्रेंस प्लाजा बनाया जाएगा। इसके अलावा इसके 3 और प्रमुख गेट होंगे, जोकि न्यू सांगानेर रोड, वीटी रोड और अरावली रोड पर होंगे। सभी गेटों के पास ही पाकिर्ंग की भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी। पार्क के चारों तरफ फूड कोर्ट एवं रेस्टोरेंट्स के लिए भी जगह रखी गई है, जहां आने वाले लोग और पर्यटक अलग-अलग प्रांत और देशों के भोजन का आनंद ले सकेंगे।
यहां सेंट्रल पार्क जितनी ऊँचाई का राष्ट्रीय ध्वज भी लगाया जाएगा। आगंतुकों के लिए अच्छे शौचालय, पीने के पानी की सुविधा के साथ यहां पर कोविड 19 महामाारी को देखते हए सेनेटाइजेशन स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
आमजन के मनोरंजन और घूमने के लिए मध्यम मार्ग के दूसरी तरफ लगभग 40 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में एक फाउंटेन स्क्वायर बनाया जा रहा है, जहाँ पर म्यूजिकल फाउंटेन होगा और प्रोजेक्टर के माध्यम से भी फाउंटेन पर संगीत के साथ-साथ लघु चल चित्र भी प्रदर्शित होंगे। इस फाउंटेन स्क्वायर में आमजन के घूमने-फिरने के साथ-साथ बैंड वादन, लोक नर्तक और विदेशों की तर्ज पर प्रत्येक वीकेंड पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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