निशक्तजनों को सशक्त बनाना पहला मानवीय कर्तव्य – राज्यपाल

निशक्तजनों को सशक्त बनाना पहला मानवीय कर्तव्य – राज्यपाल

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जयपुर । राजस्थान के राज्यपाल  कलराज मिश्र ने कहा कि दिव्यांगों में विलक्षण प्रतिभाएं होती है। इन्हें सशक्त बनाना हमारा पहला मानवीय कर्तव्य है।

राज्यपाल मिश्र शनिवार को अजमेर जिले के ब्यावर में दिव्यांगों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। समारोह राजसमंद सांसद श्रीमती दीया कुमारी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रिसेंस दीया कुमारी फाउंडेशन और महाराजा सवाई मानसिंह म्यूजियम ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया था। समारोह में 25 दिव्यांगों को स्कूटी का वितरण किया गया।

राज्यपाल  कलराज मिश्र ने कहा कि दिव्यांगों में विलक्षण प्रतिभा होती है। वे अपनी अन्दर की अनन्त शक्ति को केन्दि्रत करके कार्य करते है। इससे उनकी कार्यक्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हो जाती है। दिव्यांगों को विकलांग कहना हीनता का भाव पैदा करता है। दिव्यांग शब्द के प्रयोग से व्यक्ति से अपनतत्व का बोध होता है।

राज्यपाल मिश्र ने कहा कि कृष्ण भक्ति में लीन सूरदास जी ने अपनी प्रतिभा के बल पर नया मुकाम प्राप्त किया। वर्तमान में दिव्यांग अपनी योग्यता के बूते उच्च पदो पर पदस्थापित है। समाज का यह कर्तव्य है कि दिव्यांगों की कमजोरियों को दूर करने के लिए स्वस्थ वातावरण का निर्माण करें। इस प्रकार उनकी प्रतिभा का उपयोग देश को आगे बढ़ाने में किया जा सकेगा। उनकी प्रतिभाओं को अवसर मिलने से वे नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकते है।

मिश्र ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि देवरिया क्षेत्रा में गरीबी तथा अन्य कारणों से काफी संख्या में दिव्यांग थे। उनके उपचार के लिए कई बार शिविर लगाए गए। इससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आया। दिव्यांगों की सेवा भगवत सेवा है। इस प्रकार के कार्य करके हमे गौरव का अनुभव होना चाहिए।

समारोह में राजसमंद सांसद  दीया कुमारी ने कहा कि समाज का कोई भी वर्ग कमजोर है तो उसकी मदद करके बराबरी पर लाना पुण्य का कार्य है। दिव्यांगों को सुविधाएं एवं अधिकार दिलाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। इन्हें दया के स्थान पर स्नेह और सम्मान की आवश्यकता है। ब्यावर के विधायक  शंकर सिंह रावत ने भी समारोह को संबोधित किया। ब्यावर नगर परिषद के सभापति  नरेश कनौजिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में राज्यपाल  मिश्र ने संविधान की प्रस्तावना एवं कर्तव्यों का वाचन कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रगतिनिधि, गणमान्य नागरिक, समाजिक कार्यकर्ता, दिव्यांगजन एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

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