मुख्यमंत्री दीपावली के  मौके पर हिंगोनिया गौशाला में किया गौ-पूजन

मुख्यमंत्री दीपावली के मौके पर हिंगोनिया गौशाला में किया गौ-पूजन

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जयपुर। मूक पशुओं के प्रति संवेदनशीलता एवं गौरक्षा के प्रति अपना समर्पण दिखाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दीपावली के अवसर पर रविवार को हिंगोनिया गौ पुनर्वास केन्द्र पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गौशाला में गौ-पूजन किया और गायों को गुड एवं चारा खिलाकर गौ-सेवा की।
गहलोत ने हिंगोनिया गौ पुनर्वास केन्द्र परिसर में 5 करोड़ की लागत से गायों के लिए बन रहे 11 नए शेड, चारा गोदाम एवं पानी की टंकी का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश आवारा पशु मुक्त बने और किसानों की चिंता दूर हो। उन्होेंने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या के समाधान एवं इनसे होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में राज्य सरकार ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-भक्तों को आगे आकर गौ-सेवा के पुनीत कार्य में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी पिछली सरकार के समय हमने गौ-सेवा के लिए अलग से निदेशालय स्थापित किया था और गोपालकों की मदद के लिए 120 करोड़ रूपए का प्रावधान किया था। असहाय एवं अपंग पशुओं के लिए 25 करोड़ रूपए का प्रावधान अलग से किया गया था। देश के किसी भी राज्य में गौ-सेवा के लिए अलग से निदेशालय/विभाग बनाने का यह पहला उदाहरण है।
गहलोत ने कहा कि पिछली सरकार के समय हमने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को 2 रूपए प्रति लीटर अनुदान देना शुरू किया था और 6 माह में ही इस योजना के तहत 58 करोड़ रूपए खर्च कर उन्हें सम्बल देने का काम किया था। सरकार बदलने पर यह योजना बन्द हो गई थी लेकिन इस बार सरकार बनते ही हमने यह योजना फिर से शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित ‘आदर्श गौठान’ केन्द्र के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पंचायत समिति स्तर पर सरकार द्वारा गायों की देखभाल एवं उनके लिए चारे का इंतजाम किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए हर पंचायत समिति स्तर पर नंदीशाला खोली जा रही है। प्रदेश की 1481 ग्राम पंचायतों में नए पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले जाएंगे, ताकि पशुधन के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा जोधपुर में पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा काॅलेज भी खोला जाएगा।

गहलोत ने हिंगोनिया गौ पुर्नवास केन्द्र में हरे कृष्ण मूवमेन्ट की ओर से गौ-सेवा की दिशा में किए जा रहे कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय हिंगोनिया गौशाला में गायों की लगातार हो रही मौत की खबरें सुर्खियों में रहती थीं। चार साल में हजारों की तादाद में गायों की मौत हो गई थी, लेकिन हरे कृष्ण मूवमेन्ट के गौशाला की देखभाल की जिम्मेदारी संभालने के बाद से स्थिति में काफी बदलाव आया है। गौशाला में पशुओं के इलाज की भी व्यवस्था की गई है। यहां स्थापित क्रिटिकल केयर यूनिट में अत्यधिक बीमार गायों को इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि हिंगोनिया गौशाला परिसर में आईओसी के सहयोग से बायोगैस प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसमें 100 मैट्रिक टन गोबर का इस्तेमाल कर 4 मैट्रिक टन बायोगैस बनाई जाएगी। उन्होंने गौशाला में चारा उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संस्था की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रदेश के गोपालकों की मदद में कोई कमी नहीं छोडे़गी। उन्होंने गौ-सेवकों से गायों की सेवा के लिए आगे आकर मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौवंश के संवर्द्धन के बारे में लोग अपने सुझाव राज्य सरकार को दें।

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