मौलिक कर्तव्यों को महसूस करते हुए उनका पालन करें तो और अधिक मजबूत होगा देश का लोकतंत्र – राज्यपाल

मौलिक कर्तव्यों को महसूस करते हुए उनका पालन करें तो और अधिक मजबूत होगा देश का लोकतंत्र – राज्यपाल

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जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने मतदाताओं का आव्हान करते हुए कहा कि हर मतदाता अपने मौलिक कर्तव्यों का अहसास करते हुए उनका पालन करें तो हमारे लोकतंत्र का स्तंभ और अधिक मजबूत हो सकेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में आज की युवा पीढ़ी अहम भूमिका निभा सकती है।

मिश्र शनिवार को जयपुर के हरिशचंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम, रीपा) में आयोजित दसवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन गौरवपूर्ण क्षण है। लोकतांत्रिक परम्पराओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा न केवल व्यापक सहभागिता विकसित करने अपितु सदैव जागरूक, निष्पक्ष व नीतिपूर्ण मतदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में रजिस्टर्ड साक्षरता क्लब खोलने और उनकी नियमित बैठकें करनी चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोगों में यह भावना विकसित करने का अनुपम प्रयास है कि जब तक एक भी पात्र व्यक्ति इस प्रक्रिया से दूर है, तब तक यह लोकतंत्र अपने सम्पूर्ण रूप को प्राप्त नहीं कर सकता। निश्चित ही आयोग का संदेश बड़ा स्पष्ट है कि वे तब तक नहीं रूकेंगे जब तक कि एक भी अंतिम पात्र व्यक्ति मतदान की प्रक्रिया से जुड़ नहीं जाता। उन्होंने शहरों के मतदाताओं को और अधिक जागरूक करने पर भी जोर दिया।

मिश्र ने सभी मतदाताओं विशेषकर नवपंजीकृत मतदाताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी देश में लोकतंत्र को सुदृढ करने मेें अपनी भागीदारी निभाएं। राज्यपाल ने लोगों का आह्वान किया कि लोकतंत्र की वास्तविक संकल्पना को सभी मिलजुल कर साकार करें। लोकतंत्र का उत्सव बिना सभी की भागीदारी के सफल नहीं हो सकता। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, कॉरपोरेट जगत तथा मीडिया से भी इस पुनीत कार्य में हर सम्भव सहयोग देने की अपेक्षा की।

कार्यक्रम में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा का राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देश की जनता के नाम संदेश का वीडियो द्वारा प्रसारण किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने कहा कि अब मतदाता जागरूक होने लगे हैं। वे अपने मत की कीमत और अधिकार को पहचानने लगे हैं। यही वजह है कि वर्तमान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 80 प्रतिशत से मतदाताओं ने मताधिकार कर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है। उन्होंने निर्वाचन विभाग द्वारा स्वीप कार्यक्रमों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों के चलते विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पहले की मुकाबले कहीं अधिक मतदाताओं ने लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी निभाई। उन्होंने इस अवसर पर पात्र मतदाताओं ने नाम जुड़वाने और मतदान अवश्य करने की भी अपील की।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने शहरी मतदाताओं के मतदान के प्रति कम रूझान की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पढ़े-लिखे मतदाता होने के बावजूद शहरों में मतदान का प्रतिशत कम हो रहा है। उन्होंने आव्हान किया कि युवा मतदाताओं को लोकतंत्र की मजबूती के लिए और अधिक सक्रिय होना होगा। उन्होंने 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवा मतदाताओं से अधिकाधिक संख्या में नाम जुड़वाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पहले के मुकाबले ज्यादा मतदान हुआ है। यह नंबर जब 80-90 प्रतिशत तक पहुंचेगा तो प्रजातंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को विधानसभा चुनाव में सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। यही वजह रही कि बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने अच्छी संख्या में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों में वीएएफ (वोटर अवेयरनेस फोरम) चल रहे हैं। उन्होंने वीएएफ को मजबूत बनाते हुए अपने विवेक के साथ निष्पक्ष और भय रहित मतदान करने का आव्हान भी किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि आज देश भर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन विभाग द्वारा किए गए नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने सभी के सहयोग से 4.89 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन का कार्य करवाया। उन्होंने बताया कि मतदाताओं में मतदान के प्रति जागरूकता के लिए ‘लोकतंत्र के रंग‘, ‘सरगम सप्ताह‘ का आयोजन किया गया। यही नहीं युवा मतदाताओं को मतदाता प्रक्रिया से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में चुनाव पाठशाला और साक्षरता क्लबों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी के लिए प्रयास सतत जारी रहेंगे।

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