लंबे इंतजार के बाद राफेल हमारा हुआ

3 views
0

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को शस्त्र पूजा करने के साथ ही दसॉल्ट कंपनी से पहले राफेल विमान को रिसीव किया, इसी के साथ भारत आसमान में और भी अधिक शक्तिशाली हो गया है. हालांकि, भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने में राफेल विमान को अभी लंबा वक्त लगेगा, क्योंकि अभी तो भारतीय वायुसेना के जवानों की ट्रेनिंग शुरू होगी.

एक लंबे इंतजार और विवादों की दीवार को पार करते हुए आखिरकार भारत को पहला फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल मिल ही गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को शस्त्र पूजा करने के साथ ही दसॉल्ट कंपनी से पहले राफेल विमान को रिसीव किया, इसी के साथ भारत आसमान में और भी अधिक शक्तिशाली हो गया है. हालांकि, भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने में राफेल विमान को अभी लंबा वक्त लगेगा, क्योंकि अभी तो भारतीय वायुसेना के जवानों की ट्रेनिंग शुरू होगी.

36 विमानों में से 4 विमानों की पहली किस्त मई 2020 तक भारत को मिलेगी और ये विमान हिंदुस्तान की धरती पर पहुंचेंगे. लेकिन इसके बाद इस्तेमाल में लाने में भी इसे समय लगेगा और फरवरी 2021 तक जाकर ये विमान पूरी तरह से ऑपरेशनल होंगे.

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना को जो 36 विमान मिलने हैं, उनके भारत पहुंचने की डेडलाइन सितंबर, 2022 है. यानी अगले तीन साल में सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंच सकते हैं जो कि वायुसेना को दमदार बनाने के लिए काफी हैं. भारत-फ्रांस के बीच हुई इस डील की कीमत करीब 59 हजार करोड़ रुपये की थी.

About author

Your email address will not be published. Required fields are marked *