सभी सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक एवं भौतिक संसाधन उपलब्ध करवाना सरकार का मुख्य लक्ष्य  – शिक्षा राज्य मंत्री

सभी सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक एवं भौतिक संसाधन उपलब्ध करवाना सरकार का मुख्य लक्ष्य – शिक्षा राज्य मंत्री

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जयपुर । शिक्षा, पर्यटन एवं देवस्थान राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा है कि राजस्थान में शिक्षा के स्तर को देश में प्रथम पायदान तक पहुंचाना एवं राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक एवं भौतिक संसाधन उपलब्ध करवाना राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है। शिक्षा राज्यमंत्री  डोटासरा शनिवार को सीकर जिले में नवजीवन साईंस कॉलेज में 30 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

कार्यक्रम में शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि विज्ञान मेले में प्रदर्शित मॉडल विद्यार्थियों के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने एवं पर्यावरण के महत्व को समझने में कारगर साबित होंगे। प्रदर्शनी बाल वैज्ञानिकों की सृजनात्मक, क्रियात्मक एवं अन्वेषणात्मक एवं अभिवृत्ति का विकास करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य स्तरीय विज्ञान मेला 2019-20 के आयोजन का सौभाग्य सीकर जिले को प्राप्त हुआ है। सीकर जिले को प्रदेश की शिक्षा नगरी भी कहा जाता है तथा यहां पर राजस्थान राज्य से ही नहीं देश के अधिकांश राज्यों से विद्यार्थी विज्ञान में अपना भविष्य उज्जवल बनाने के लिए आ रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य के राजकीय विद्यालयों के पुस्तकालयों के लिए 35 करोड़ रूपये तथा 69 करोड़ रूपये खेल सुविधाओं पर व्यय किए जाएंगे ।

शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निर्देश दिए है कि आगामी तीन-चार महिनों में राज्य में शिक्षक भर्ती परीक्षा (रीट) का आयोजन करवाकर बेरोजगारों को शिक्षक पद पर नियुक्त कर समस्त राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के सभी पद भर दिए जाएगें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आव्हान किया कि गुरू के प्रति सच्ची श्रृद्धा रखकर कड़ी मेहनत अपनी पढ़ाई में करेंगे तो सफलता आपके कदम चूमेगी।

शिक्षा राज्यमंत्री  डोटासरा ने बताया कि राज्य के 10 हजार राजकीय स्कूलों में वार्षिक उत्सव मनाया जाएगा तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में फर्नीचर सहित इन्फ्रॅास्ट्रक्चर के लिए 1500 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि 1150 माध्यमिक शिक्षा में प्रधानाध्यापकों को पदोन्नती दी गई, शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दस्तावेजों की जांच चल रही है तथा द्वितीय श्रेणी के वरिष्ठ अध्यापकों की भर्ती में एक माह में नियुक्ति देने के साथ ही प्रबोधकों को वरिष्ठ प्रबोधक बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शनिवार को एम्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत जो परिणाम घोषित हुआ है उसमें झुंझुनू जिला प्रथम और सीकर जिला दूसरे स्थान तथा चूरू जिला तृतिय स्थान पर आया है उन्हें मैं बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूॅ । आज बच्चों को खोज ,आविष्कार, खोज विज्ञान से परिचय करवाने के लिए इस युग में दुनिया में नम्बर वन आने के लिए इन सभी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रदर्शनी तभी सार्थक है जब हम यहां से सिख कर जायें।

शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा ने कहा कि प्रदेश केे राजकीय स्कूलों में विज्ञान विषय के 2 हजार 42 स्कूलों में से 1200 विद्यालयों में लैब नहीं है। उन्हाेंने कहा कि मै आप को विश्वास दिलवाना चाहता हूॅ की आने वाले समय में जिन 1200 विद्यालयों में लैब नहीं है, उनमें लैब की व्यवस्था करवाने के साथ ही लैब के लिए भवन भी उपलब्ध करवायेंगे और संसाधन भी उपलब्ध करवायेंगे। आने वाले समय में एक भी विद्यालय प्रदेश में ऎसा नहीं होगा जिसमें विज्ञान विषय हाें वहां पर लैब नहीं हों ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अभिषेक भगोटिया, राज्य परियोजना निदेशक समसा एवं राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने राज्य के विद्यालयों में डिजिटल लिट्रेसी, शिक्षकों के प्रशिक्षण, आईसीटी लेब को अपडेट करने एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यालयों में कियान डिवाईस उपलब्ध कराने के लिए आईपीई की समन्वयक अमिता शर्मा के साथ एमओयू किया। इसी प्रकार सीएमएफ टाटा ट्रस्ट की कार्यकारी निदेशक मलिका श्रीवास्तव के साथ 33 जिलों में मॉर्डन लाईब्रेरी एवं प्रत्येक जिले मंे प्राथमिक व उ. प्रा. विद्यालयों में पुस्तकालयों के विकास के लिए एमओयू किया इसी क्रम में आईटीएफसी बैंगलोर के राकेश प्रोजेक्ट एसोसियेट के साथ राज्य स्तरीय शैक्षिक संस्थानों में आईसीटी आधारित अकादमिक संबंल के लिए एमओयू किया गया।

इस अवसर पर अतिथियों ने विज्ञान मेला 2019-20 की स्मारिका का विमोचन करने के साथ ही मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

विज्ञान मेले में 370 प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का पंजीयन किया गया विभिन्न जिलों से आये हुए बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल का प्रदर्शन किया, इसके साथ ही क्विज प्रतियोगिता का आयोजन विधार्थीवार एवं शिक्षकवार किया गया। इस अवसर पर ललित शंकर आमेटा उपनिदेशक आरएससीईआरटी उदयपुर, सीडीईओं सुरेन्द्र सिंह गौड़, डीईओं मुकेश मेहता, लालचन्द नहलिया , मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं विभिन्न संस्थाओं के संस्थान प्रधान, विक्रम सारण,यशपाल सारण, राजपाल बगड़िया उपायुक्त नगर निगम कोटा, नवजीवन कॉलेज के निदेशक शंकर लाल बगड़िया, अनिता बगडिया, मल्लिका श्रीवास्तव निदेशक टाटा ट्रस्ट बैंगलोर, आशा मण्डावत, जगन सिंह चाहर, सुभाष मील, जोगेन्द्र सुण्डा, श्रवण चौधरी, महावीर हुड्डा, जोगेन्द्र रणवां, रामनिवास ढ़ाका, शिक्षाविद, संभागी छात्र, छात्राएं उपस्थित रहें।

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